गांधीजी और भोपाल
इतिहास से स्थायी केंद्र तक
महात्मा गांधी का भोपाल से पुराना और गहरा संबंध रहा। इन्हीं स्मृतियों को स्थायी रूप देने के संकल्प से गांधी भवन का जन्म हुआ।
सितंबर 1929
गांधीजी का पहला भोपाल प्रवास
नवाब हमीदुल्ला ख़ाँ के आमंत्रण पर गांधीजी भोपाल आए — राहत मंज़िल में प्रवास और जनसंवाद।
1933
हरिजन सेवा यात्रा
भोपाल जंक्शन पर पड़ाव — अल्प सूचना पर भी विशाल जनसमूह को संबोधन।
1969
गांधी जन्मशताब्दी वर्ष
मध्यप्रदेश में पदयात्राएँ, प्रभात फेरियाँ, संगोष्ठियाँ — बची राशि को स्थायी जनहित कार्य में लगाने का निर्णय।
27 सितंबर 1970
स्वतंत्र न्यास गठन का निर्णय
गांधी शताब्दी समिति ने गांधी भवन के संचालन हेतु सार्वजनिक न्यास बनाने का निर्णय लिया।
4 अक्टूबर 1978
न्यास पंजीयन
मध्यप्रदेश पब्लिक ट्रस्ट अधिनियम के अंतर्गत गांधी भवन न्यास विधिवत पंजीकृत हुआ।
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