जहाँ विचार कार्य बनता है
व्यक्तिगत चेतना से समाज निर्माण — युवा प्रशिक्षण से वृद्ध सेवा तक बीस से अधिक जीवंत कार्यक्रम।
तीन द्वार — जहाँ से शुरू करें
परिसर की सबसे जीवंत धाराएँ — युवा, स्वदेशी और प्रार्थना।

युवा
युवा चेतना व कौशल
महाविद्यालयीन विद्यार्थियों हेतु साप्ताहिक प्रायोगिक प्रशिक्षण — प्रतिवर्ष सैकड़ों विद्यार्थी जुड़ते हैं।

स्वदेशी
चरखा अभ्यास एवं प्रशिक्षण
अंबर, पेटी व गांधी चरखा पर सूत कताई — खादी के आर्थिक-सामाजिक महत्व का जीवंत अभ्यास।

आस्था
सर्वधर्म प्रार्थना सभा
प्रतिदिन प्रातः 10:30 — धर्म, जाति और भाषा से परे शांति व सद्भाव का अभ्यास।

व्यक्तिगत चेतना से समाज निर्माण
गांधी भवन न्यास निरंतर रचनात्मक कार्यक्रम संचालित करता है — युवा प्रशिक्षण, महिला कौशल, सर्वोदय संवाद, जैविक उत्सव और श्रमदान तक। विचार की बुनियाद से छेड़छाड़ किए बिना समयानुकूल विस्तार।
“रचनात्मक कार्यक्रम पूर्ण स्वराज को हासिल करने का मुकम्मल औज़ार है।”— महात्मा गांधी
बारह मुख्य धाराएँ
हर कार्यक्रम एक द्वार है — विस्तार पृष्ठ पर उद्देश्य, समय और जुड़ने का तरीका।
युवा कार्यक्रम
चेतना, कौशल और शिविर — महाविद्यालयीन विद्यार्थियों हेतु।
विस्तार देखेंकौशल विकास
व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोज़गार-परक कौशल।
विस्तार देखेंमहिला कार्यक्रम
सिलाई, जरी-जरदोज़ी और सशक्तिकरण प्रशिक्षण।
विस्तार देखेंप्रार्थना सभा
प्रतिदिन प्रातः सर्वधर्म प्रार्थना।
विस्तार देखेंसर्वोदय संवाद
विद्यालयों में गांधीजनों के साथ संवाद।
विस्तार देखेंगांधी सप्ताह
निबंध, चित्रकला व भजन प्रतियोगिताएँ।
विस्तार देखेंगांधी ज्ञान प्रतियोगिता
पुण्यतिथि से पूर्व विद्यालयी प्रतियोगिताएँ।
विस्तार देखेंशैक्षणिक भ्रमण
प्रदर्शनियाँ और समाधि प्रतिकृति के दर्शन।
विस्तार देखेंजैविक उत्सव
राष्ट्रीय गांधी जैविक उत्सव — किसान और उत्पादक।
विस्तार देखेंचरखा प्रशिक्षण
अंबर, पेटी व गांधी चरखा पर सूत कताई।
विस्तार देखेंइंटर्नशिप
सामाजिक संगठनों के साथ प्रायोगिक अनुभव।
विस्तार देखेंस्वयंसेवा
श्रमदान और सेवा भाव से जुड़ें।
विस्तार देखेंकौन-सा कार्यक्रम आपके लिए है?
संपर्क करें — या पहले परिसर आकर प्रार्थना, पुस्तकालय और प्रदर्शनियाँ देखें।
