न्यास
मध्यप्रदेश पब्लिक ट्रस्ट अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत स्वायत्त न्यास।
संचालन
गांधी भवन न्यास पूर्णतः स्वायत्त व आर्थिक रूप से स्वावलंबी है। न्यास को सरकार से कोई वार्षिक अनुदान प्राप्त नहीं होता — परिसर के अतिथि कक्षों व सभागृहों के सुविधा शुल्क तथा जनसहयोग से ही न्यास अपने संचालन का पूरा व्यय वहन करता है।
न्यास के कार्य संचालन हेतु कम से कम 7 और अधिकतम 11 न्यासी होते हैं, जिनमें से 3 पदाधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री न्यास के पदेन संरक्षक होते हैं।
संस्थापक भावना
"रचनात्मक कार्यक्रम पूर्ण स्वराज को हासिल करने का मुकम्मल औज़ार है" — महात्मा गांधी। आवश्यकता पड़ने पर कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाई जा सकती है, बशर्ते विचार की बुनियाद से छेड़छाड़ न हो।
संबंधित पृष्ठ
न्यास की अन्य संस्थागत जानकारी और सेवाएँ।
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