मील के पत्थर
गांधीजी के भोपाल संबंध से लेकर न्यास की जीवंत यात्रा तक।
1929
भोपाल प्रवास
गांधीजी का पहला औपचारिक भोपाल प्रवास और जनसंवाद।
1933
हरिजन सेवा यात्रा
भोपाल जंक्शन पर ऐतिहासिक पड़ाव।
1969
जन्मशताब्दी
प्रदेशव्यापी रचनात्मक अभियान और स्थायी केंद्र का संकल्प।
1970
न्यास निर्णय
स्वतंत्र सार्वजनिक न्यास गठन का राज्य स्तरीय निर्णय।
1978
पंजीयन
गांधी भवन न्यास का विधिवत पंजीकरण।
आज
जीवंत केंद्र
20+ रचनात्मक कार्यक्रम, पुस्तकालय, प्रार्थना और सेवा।
और देखें
संबंधित पृष्ठ
न्यास की अन्य संस्थागत जानकारी और सेवाएँ।
जुड़ें
आएँ, जानें, जुड़ें
गांधी भवन न्यास के कार्यक्रमों, परिसर और सेवा में भाग लें।



